“कलम सिंह बिष्ट” की अगुवाई मे “मुन्दोली राइडर्स क्लब” के बैनर तले 16 किमी की दौड़ प्रतियोगिता हुई आयोजित

National Uttarakhand

मुन्दोली (उतराखन्ड)-

कहते हैं, पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी कभी पहाड़ के काम नहीं आती, बेड़ा उठाया कलम सिंह बिष्ट ने

मुन्दोली राइडर्स क्लब के बच्चों ने 16 किलोमीटर की दौड़ लगाकर अपने हुनर ​​को पहचाना

 पानी का तो पता नहीं लेकिन नवयुवक, नवयुवतियाँ के विकास और उनके उज्ज्वल भविष्य को लेकर कलम सिंह बिष्ट ने बेड़ा उठाया, पहाड़ का कोई भी अपने जीवन में असफल ना रहे उसके लिए रात-दिन प्रयास कर रहे और परख भी रहे.

आज मुन्दोली राइडर्स क्लब के द्वारा एक दौड़ का आयोजन किया गया जिसका नेतृत्व खुद कलम सिंह बिष्ट कर रहे थे, जिसमें 23 बच्चों ने प्रतिभाग किया जो कि मुन्दोली से लेकर कुलिंग और वापसी मुन्दोली तक 16 किलोमीटर की दौड़ थी प्रतिभाग करने वाले बच्चों के नाम जिसमें लड़कियों में पहला स्थान अंजू 1, दूसरा स्थान कलावती, तीसरा स्थान कोमल का था और लड़कों में पहला स्थान मनीष, दूसरा स्थान कैलाश, तीसरा स्थान रोहन, इसके अलावा देवेन्द्र 1, देवेन्द्र 2, हिमानी, खुशबू1, खुशबू 2, ममता, दिव्या, अंजू 2, खष्टी, साहिल, धीरज, नितेश, सौरव, मयंक, संतोष, कमलेश और रविंदर बच्चों ने भाग लिया सभी बच्चों को अच्छा अनुभव और आनंद आया सभी ने इस प्रकार की दौड़ बार-बार होनी चाहिए के लिए नवयुवक युवतियों ने निवेदन संस्थापक कलम सिंह बिष्ट जी से की, पूरी दौड़ के दौरन आनंद सिंह बिष्ट जी और सुनील सिंह बिष्ट जी ने अपनी बाइक से पूरी दौड़ को सपोर्ट किया और चंदन सिंह जी ने राजस्व ग्राम मैला में जूस पिलाकर प्रतिभागियो का हौसला बढ़ाया.
मुन्दोली राइडर्स क्लब का नारा है ‘हमारा प्रयास, हुनर ​​की तलाश’ जिसका गठन कलम सिंह बिष्ट (सेना से सेवा निवृत्त, स्वर्ण पदक विजेता, अल्ट्रा रनर, साइकिलिस्ट और पर्वतारोही) जो अपने एक छोटे से गांव मुन्दोली के रहने वाले हैं और अपना समय नवयुवक युवतियों को रनिंग, साइकलिंग, पर्वतारोहण, सेल्फ डिफेंस, योगा, प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी और प्रशिक्षण दे रहे हैं, ताकी जीवन में किसी को दूसरों पर निर्भर न रहना पड़े, वह खुद इतना सक्षम होगा कि अपने रास्ते खुद बना सकें और आत्मनिर्भर बन सके।
वार्ता के दौरन कलम सिंह बिष्ट ने बताया कि उनका आगे का जीवन इन पहाड़ों को समर्पित है उनका बचपन कुछ ज्यादा अच्छा नहीं रहा तो वे चाहते हैं कि किसी का जीवन इतना कष्टदायक ना हो, नवयुवक युवतियों के लिए रात दिन मेहनत करते हैं.

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