कनिष्ठ के बजाय वरिष्ठ कार्मिक को बनाएं लोक सूचना अधिकारी,मुख्य सूचना आयुक्त मा अनिल चन्द्र पुनेठा ने दिया महत्वपूर्ण आदेश/दस हजार का जुर्माना भी लगाया

National Uttarakhand

*समय से सूचना न उपलब्ध कराने पर राजाजी टाईगर रिजर्व के लोक सूचना अधिकारी पर रु.10,000/- का किया गया जुर्माना

देहरादून -मुख्य सूचना आयुक्त मा अनिल चन्द्र पुनेठा ने सूचना अधिकार अधिनियम के तहत सरकारी कार्यालयों को अधिक जवाबदेह बनाने की दिशा मे एक महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए कहा है कि ऐसे वरिष्ठ कार्मिक को लोक सूचना अधिकारी नामित किया जाए जो सूचना सुलभता से उपलब्ध करा सके। ज्ञातव्य है कि कई कार्यलयो ने ऐसे कनिष्ठ कार्मिक को लोक सूचना अधिकारी बना दिया जाता है,जो सूचना के लिए वरिष्ठों पर निर्भर बने रहते हैं।

उक्त आदेश देते हए मुख्य सूचना आयुक्त महोदय ने राजाजी टाईगर रिजर्व के लोक सूचना अधिकारी पर दस हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।

आमेप्रकाश शर्मा, ग्राम गाजीवाली, थाना व पोस्ट श्यामपुर कांगड़ी, जनपद हरिद्वार द्वारा लोक सूचना अधिकारी / मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, राजाजी टाईगर रिजर्व से उनके कार्यालय में कार्यरत आउटसोर्स कार्मिकों तथा उन्हे किये गये भुगतानों के संबंध में सूचना मांगी गयी थी। लोक सूचना अधिकारी द्वारा 10 माह के समय के उपरान्त आंशिक सूचना श्री शर्मा को उपलब्ध करायी गयी। पूरी सूचना उपलब्ध कराने के लिए श्री शर्मा द्वारा उत्तराखण्ड सूचना आयोग में द्वितीय अपील की गयी।

प्रकरण में मुख्य सूचना आयुक्त श्री अनिल चन्द्र पुनेठा द्वारा सुनवायी करते हुये दिनांक 06/09/2023 को लोक सूचना अधिकारी / मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, राजाजी टाईगर रिजर्व को अपीलकर्ता को 10 माह के अत्यधिक विलम्ब से तथा आधी-अधूरी सूचना दिये जाने पर उनके विरूद्ध कार्यवाही किये जाने के सम्बन्ध में कारण बताओ नोटिस जारी करते हुये अपीलकर्ता को पूरी सूचना अगले 15 दिन में उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिये गये।

आज दिनांक 21.12.2023 को अपील की सुनवायी पर यह ज्ञात हुआ कि प्रकरण में अपीलकर्ता द्वारा सूचना का आवेदन 26/10/2022 को किया गया था जिसके सापेक्ष आयोग द्वारा 06/09/2023 को दिये निर्देशों के उपरांत लोक सूचना अधिकारी द्वारा 18/10/2023 को, लगभग 10 माह के अत्यधिक विलम्ब से, सूचना प्रेषित की गयी। अत्यधिक विलम्ब से सूचना प्रदान किये जाने के कारण मुख्य सूचना आयुक्त श्री अनिल चन्द्र पुनेठा द्वारा लोक सूचना अधिकारी / मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, राजाजी टाईगर रिजर्व पर रु.10,000/- की शास्ति आरोपित की गयी। श्री पुनेठा द्वारा उक्त शास्ति की धनराशि को लोक सूचना अधिकारी के वेतन से वसूल करते हुये राजकोष में जमा कराने के ओदश भी दिये गये।

निदेशक, राजाजी टाईगर रिजर्व को यह भी सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया कि उनके कार्यालय में ऐसे वरिष्ठ कार्मिक को लोक सूचना अधिकारी नामित किया जाये जो सूचना सुलभता से उपलब्ध करा सके जिससे भविष्य में ऐसी त्रुटि दोबारा न होने पाये। ऐसे कनिष्ठ कार्मिक जिनके पास सूचना धारित न हो और वह सूचना प्रदान करने के लिए दूसरे वरिष्ठ कार्मिकों पर निर्भर रहते हैं, उन्हें लोक सूचना अधिकारी नामित न किया जाये।

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