चमोली -अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस, न केवल महिलाओं की उपलब्धियों का जश्न मनाने का दिन है, बल्कि उनके अधिकारों और लैंगिक समानता की दिशा में निरंतर प्रयासों को दोहराने का भी अवसर है। इस वर्ष, मुन्दोली राइडर्स क्लब ने एक अनूठी और प्रेरक पहल के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस को यादगार बनाया। क्लब के आयोजक कलम सिंह बिष्ट के नेतृत्व में 20 उत्साही महिलाओं और लड़कियों ने साइकिल चलाकर सशक्तिकरण और जागरूकता का संदेश फैलाया।

यह 23 किलोमीटर की साइकिल रैली लोहाजंग गांव मुन्दोली से शुरू हुई, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। वहां से रैली आगे विभिन्न गांव से होकर अंत में देवाल पहुंची जहां पर साइकिल-सवार महिलाओं और लड़कियों का मेला समिति के सभी पदाधिकारी और सदस्यों, माननीय अध्यक्ष महोदय लाखन सिंह जी, भजन सिंह जी, जीतू बिष्ट जी, राणा जी के द्वारा भव्य स्वागत किया गया।
रास्ते में, हालांकि सड़क की खराब दशा – गड्ढे, पक्की सड़क का टूटा हुआ भाग, और सड़क पर लुढ़कते पत्थर – एक चुनौती बनकर सामने आईं, इन साइकिल सवार महिलाओं ने अपने जोश और दृढ़ संकल्प से न केवल चुनौतियों को पार किया बल्कि आसपास के गांवों और स्थानीय लोगों का दिल भी जीत लिया। उन्होंने न केवल शारीरिक स्वास्थ्य के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाई, बल्कि महिला सशक्तिकरण और अधिकारों, तथा कर्तव्यनिष्ठा के बारे में भी महत्वपूर्ण संदेश दिए।
इस रैली में भाग लेने वाली 20 प्रतिभागियों में शामिल थीं: अंजू, मिनाक्षी, रोशनी, यमुना, सरोजनी (अल्ट्रा रनर), कलावती, खष्टी, भावना, अनीता, कोमल, हिमानी, बबली, तनिया, राजकुमारी, हिमानी, अंजलि , हेमा, ममता, रंजना और दिव्या। इन महिलाओं और लड़कियों की विविध पृष्ठभूमि इस बात का प्रमाण है कि महिला सशक्तिकरण किसी एक उम्र या क्षेत्र तक सीमित नहीं है। उनकी साहसिक भावना और दृढ़ निश्चय समाज के सभी वर्गों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया।
यह साइकिल रैली सिर्फ एक खेल आयोजन से कहीं अधिक थी। यह महिलाओं की शक्ति और क्षमता का प्रदर्शन था। कठिन रास्तों को पार करते हुए उन्होंने गाए जाने वाले गीतों और नारों ने न केवल महिलाओं का मनोबल बढ़ाया बल्कि आसपास के लोगों को भी जागरूक किया। उन्होंने यह संदेश दिया कि महिलाएं समाज के हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं और उन्हें अपने सपनों को पूरा करने का अवसर दिया जाना चाहिए।
इस रैली के दौरान, मुन्दोली राइडर्स क्लब ने स्थानीय गांवों में जाकर महिलाओं और लड़कियों, छात्राओं के साथ बातचीत भी की। चुनौतीपूर्ण रास्तों को पार करने का उनका अनुभव महिलाओं और लड़कियों के लिए सीखने का एक बड़ा अवसर बन गया। उन्होंने उन्हें शिक्षा के महत्व और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही, उन्होंने महिलाओं और लड़कियों को यह विश्वास दिलाया कि वे किसी भी क्षेत्र में सफल हो सकती हैं, बशर्ते उनके पास दृढ़ इच्छाशक्ति और कड़ी मेहनत करने का जज्बा हो।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित इस साइकिल रैली का उद्देश्य न केवल ग्रामीण समुदायों में जागरूकता फैलाना था, बल्कि शहरी क्षेत्रों में भी महिलाओं के प्रति सकारात्मक बदलाव लाने की पहल करना था। मुन्दोली राइडर्स क्लब का

